पोस्टर गर्ल एक मॉडल| An inspirational web series Hindi Story

पोस्टर गर्ल एक मॉडल |Love and inspirational web series Hindi Story|written by Rahul Singh

The Story about a village girl who wants to become a professional model in print shoot and ad shoot industry. she struggles very hardly for getting chance. So many people in that industry offer to compromise. Some girls who are established before her, try to  tont about her desi style. But finally she become a famous model in country.

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नंदनी मिश्रा उत्तरप्रदेश के कानपुर के छोटे से गांव की एक कुंवारी लेकिन सुंदर लड़की है । उम्र 18 साल कद 5'4" , रंग गोरा, चेहरा लंबचौरस आकर का, स्वभाव से हसमुख और चंचल पर बातें बहुत करती है । बातों में उससे कोई जीत नही सकता है । बचपन से उसको मेकअप और अतरंगी कपड़े पहनने का बहुत शौक है । वह खुद को हमेशा एक मॉडल की तरह रखती है । मोबाइल से photo खिंचवाना, आईने के आगे पोज़ देना, उसकी  कैरियर के लक्षण दिखाई देने लगे है ।हालांकि इन दिनों नंदनी ने कानपुर के कॉलेज में न्यू एडमिशन लिया है।  

राजेंद्र मिश्रा और अनिता मिश्रा दोनो नंदनी के माता पिता है । राजेंद्र मिश्रा मंदिर के पुजारी है गांव में मान सम्मान इतना है कि गांव के सब लोग उनकी बेटी को अपनी बहन बेटी की तरह मानते है । इसीलिए गांव में नंदनी कही भी खुल कर घुम लेती है । अन्य लड़के लड़कियों से हसी मजाक कर लेती है । बिंदास रहती है । 

लेकिन एक ओर अनिता मिश्रा को नंदनी के इस बेपाक पन से कभी कभी डर लगता है । उनको लगता है कि कोई अनजान या गांव का कोई उस पर बुरी नजर न डाले इसीलिए उसको ढंग के कपड़े पहनने को कहती है । डर जायज है आखिर वह एक बेटी की माँ है । लेकिन नंदनी अक्सर मां को अपनी पुरानी सोच से बाहर आने का मशवरा देती है । वह हमेशा यही कहती है कि अब वह बड़ी हो गयी है अपना ख्याल रख सकती है । 

राजेन्द्र मिश्रा बहुत ही समझदार और समय के अनुसार चलने वाले व्यक्ति है । उनको पता है कि उनकी लड़की अपने भविष्य में कुछ करना चाहती है इसीलिए उसको कॉलेज जाने आने के लिए बाइक लेके देते है । 

बिट्टू गांव के सरपंच धनीराम का लड़का दिखाने में सीधा सादा सबकी मदद करता है गाँव मे । लोग उसमे अपना भावी सरपंच देखते है । बिट्टू भी नंदनी के कॉलेज में पढ़ता है । वह नंदनी से 1 साल सीनियर है । 
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एक दिन बाहर गांव के एक लफंगे ने कॉलेज जा रही उसके गांव की लड़की को तंग किया जिसकी वजह से नंदनी ने उस लड़के को सबक सिखाने के लिए पंगा ले लिया। लेकिन उस लफंगे के और साथी भी वहाँ आ गए जो कि उस लड़की के बदले में नंदनी पर अपनी आंख गड़ाने लगे । दोनो लड़कियों को उन्होंने घेर लिया और उनसे बदतमीजी करने लगे नंदनी के बाइक की चाभी निकाल कर उसको परेशान करने लगे । एक लड़के ने नंदनी का टॉप जो कि काफी अट्रैक्टिव था उसको पकड़ कर खींच लिया और इसका टॉप फट गया है । जिससे उसके अंदर का ब्लैक ब्रा दिखने लगा। लफंगा उसकी ब्रा को देख कर अपनी हवस की लार टपकाने लगता है । वह नंदनी की तरफ बढता है । नंदनी थोड़ा डरते हुए-

नंदनी : कौन हो तुम लोग, अगर हमारे गांव के लोगो को पता चला तो वो लोग तुमको छोड़ेंगे नही ।

लफंगा: अरे जानेमन हमारे शिकंजे से तो छुड़ा लो खुद को । 

सारे लड़के ज़ोर ज़ोर से हसने लगते है । उन लड़कियों को डर लगने लगता है । लफंगा नंदनी की तरफ हाथ बढ़ाता है तभी वहां बिट्टू आ जाता है । और फिर उन लफंगों की धुलाई करके भगा देता है ।

नंदनी(मजाकिया अंदाज में): अरे वाह ! तुमने तो एकदम हीरो की तरह एंट्री मारी और उन गुंडों को मार भगाया । वैसे मैं खुद निपट लेती लेकिन तुमने अपनी हीरो गिरी दिखाने के लिए ये मौका मेरे हाथ से छीन लिया ।

बिट्टू: ये लफंगे दूसरी गांव के थे । आते जाते लड़कियों को छेड़ना इनका पेशा है । ऐसे लोगो से नाजुक कलाइयों के साथ नही निपटा जा सकता है । 

नंदनी बिट्टू की बातों को सुनकर प्यार से स्माइल देती है बिट्टू को । वो लोग वहां से जाते है ।

      नंदनी की कॉलेज में एक ad फ़िल्म बनाने वाला प्रोडक्शन यूनिट आया हुआ है। सेटअप लग चुका है। पहला सिन फिल्माया जा रहा है । जिसमे एक लड़की कॉलेज के मुख्य द्वार से कॉलेज में एंट्री करती है । जो कि बहुत ही हॉट है । कॉलेज के लड़के सिन के मुताबिक उस लड़की को लाइन मारने का काम करते है । लड़की आ रही है उसके बाल उड़ रहे है।
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कॉलेज के कंपाउंड में स्टूडेंट्स इकट्ठा होकर शूटिंग देख रहे है । वही नंदनी भी अपनी कुछ सहेलियों के साथ वहा आ जाती है । नंदनी को काफी उत्साह आ रहा है यह सब देखकर। सीन चल रहा है । लड़की को डायरेक्टर चल के आने के लिए कहता है । फिर एक स्पॉट पर उसको रुक कर डॉयलोग बोलने के लिए ।
हीरोइन: अगर ज़िंदगी मे उड़ान भरनी है तो अपने इरादे को मजबूत बनाने पड़ते है । जैसे रूपनिखार sampoo मेरे बालो को सिल्की और मजबूत रखता है । (बिना भाव के )

डायरेक्टर : मैडम क्या कर रही है आप, थोड़ा फील लाइये। one more take plz. रोल कैमरा & एक्शन ।

हीरोइन दो से तीन बार यह डायलॉग बोलती है लेकिन डायरेक्टर को पसंद नही आता है । वह थोड़ा निराश हो जाता है। लेकिन क्या कर सकता था प्रोड्यूसर ने उसी हेरोइन को फाइनल किया हुआ था।

इस दौरान हीरोइन द्वारा wrong take दिए जाने की वजह से नंदनी को हसी आ जाती है और वह साइलेंट सिन में हंस देती है । जिससे हीरोइन को नंदनी पर काफी गुस्सा आ जाता है ।
हीरोइन: (भड़क कर) हंसी आ रही है तुम्हें ? आसान लग रहा है तुमको ये सब? एक बार कैमरे के सामने आकर ये बोल कर दिखाओ तो मान जाऊँ । 
नंदनी खामोश हो जाती है । थोड़ा घबराहट से
नंदनी: जी वो मैं तो..
डायरेक्टर: अरे जाने दीजिये ना मैडम । उसको कुछ पता नही है ।
हीरोइन: डेविड जी! अब तो यह लड़की बोल कर दिखायगी । मैं भी तो देखु इस गँवार को हंसना ही आता है या फिर ।

यह सब देख कर बिट्टू से रहा नही जाता है । वह नंदनी के पास आता है -
बिट्टू: माफ कीजियेगा मैडम । लेकिन आपको इस तरह बोलना सोभा नही देता है । एक कलाकार को उस सिपाही की तरह बनना पड़ता है, जो हर हाल में अपने पोजीशन पर अडिग रहता है । और रही बात नंदनी की तो यह आपसे लाख गुना बढ़िया करके दिखा सकती है । 

आओ नंदु आज तुम्हारे मान के साथ साथ हमारे कॉलेज की रेपुटेशन का सवाल है । 

सभी लोग नंदनी को encourage करने लगते है । हीरोइन अपने जज़्बाती नख़रे दिखा रही है । नंदनी सेट पर आती है । वह नर्वस है। कैमरे और लाइट के सेटअप को पुनः व्यवस्थित किया जाता है । सबकी नजरें नंदनी को एकटक देख रही है । माहौल शांत है और बैकग्राउंड में धड़कन की वॉइस ओवर सुनाई पड़ रही है ।
और एक आवाज आती है-

डायरेक्टर: रोल कैमरा & एक्शन !

नंदनी: अगर ज़िंदगी मे उड़ान भरनी है तो अपने इरादे को मजबूत बनाने पड़ते है ।  (बिना भाव के, लड़खड़ाते जुबान में)
इस तरह से डायलॉग बोलते देख कॉलेज में सब हंसने लगते है । डायरेक्टर कट बोलता है । हेरोइन नंदनी के बाजू में आकर बोलती है ।
हीरोइन: आखिर मैने सही सोचा तुम जैसी गँवार लड़की सिर्फ दुसरो पर हंस सकती है ।  और हां दुबारा हंसने से पहले अपनी औकात देख लेना । ब्लडी फुल villager । 
वह हीरोइन वहा से चली जाती है । नंदनी मायूस हो जाती है । उसकी आंखें नम होने लगती है । बिट्टू यह सब देख कर नंदनी के करीब जाता है ।
बिट्टू: अरे! कोई बात नही नंदु तुमने हिम्मत तो दिखाई ।
बिट्टू की बाते सुनकर नंदनी उसकी तरफ़ देखती है और खींच कर एक तमाचा जड़ देती है ।
नंदनी: आज मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से जलील हुई हूँ। मैं तुम्हें कभी माफ नही करूँगी ।

नंदनी रोते हुए वहां से चली जाती है, सब लोग बिट्टू की तरफ देखने लग जाते है । इस बात पर बिट्टू खामोश रहता  है और नंदनी को जाते हुए देखता है ।

To be continued....
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Written by Rahul Singh

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